हरिद्वार का इतिहास- Haridwar history in hindi

भारत एक ऐसा धार्मिक और सांस्कृतिक देश है जिसका अपना एक अलग ही महत्व है। हिंदू धर्म के इतिहास में कई तीर्थस्थल हैं, जिनमें से एक हरिद्वार है। हरिद्वार गंगा नदी के पवित्र तटों पर स्थित है और भारतीय धर्म के लिए इसका महत्व अपार है। इस लेख में, हम हरिद्वार के इतिहास को जानेंगे और इसके प्रमुख समारोहों, स्थलों, और संस्कृति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे।

इतिहास के आधार पर

हरिद्वार: नामकरण का रहस्य

यह शहर ‘हरिद्वार’ नाम किसी खास कारण से प्राप्त किया गया था। इसके पीछे एक पुरानी कहानी है, जिसमें भगवान विष्णु के श्रीवत्स चिह्न के लिए हरिद्वार का चयन किया गया था।

महाभारत में हरिद्वार

हरिद्वार महाभारत काल से ही महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यहां पांडवों ने कई तीर्थयात्राएं की थीं और भगवान श्रीकृष्ण ने भी यहां अपने अनुयायियों को दर्शन दिया था।

हिन्दी धरोहर

हर कुंड की कथा

इस समृद्धि स्थान के एक रोचक स्थान है ‘हर कुंड’, जिसमें माना जाता है कि भगवान विष्णु ने अपने चरणों से गंगा नदी को भूमि पर आने के लिए उत्साहित किया था।

चंडीदेवी मंदिर: भक्तों का प्रिय स्थान

चंडीदेवी मंदिर हरिद्वार में मां चंडिका को समर्पित है और यह भक्तों के बीच एक लोकप्रिय पूजा स्थल है।

समारोह और उत्सव

कुम्भ मेला: अमर भारतीय संस्कृति का प्रतीक

कुम्भ मेला हरिद्वार का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध समारोह है जो हर तीन साल में आयोजित होता है। इसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं और गंगा में स्नान करने का माना जाता है।

दिवाली के उत्सव

दिवाली हरिद्वार में खास रूप से मनाया जाता है। यहां लोग अपने घरों को दीपों से सजाते हैं और मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

हरिद्वार का प्राकृतिक सौंदर्य

चांदीघाट: गंगा की खूबसूरती

चांदीघाट हरिद्वार के प्रमुख घाटों में से एक है जहां लोग गंगा आरती का आनंद लेते हैं और गंगा की सुंदरता का आनंद उठाते हैं।

हरिद्वार वन्यजीवन

हरिद्वार एक प्राकृतिक अनुभव का स्थान है, जहां आप विभिन्न प्रकार के पक्षियों, पशुओं और वन्यजीवन का आनंद ले सकते हैं।

संस्कृति और परंपरा

हरिद्वार के मेले

हरिद्वार में विभिन्न प्रकार के मेले आयोजित होते हैं, जो स्थानीय शिल्प और वस्त्रों को प्रदर्शित करते हैं।

संस्कृति की धारोहर

हरिद्वार को संस्कृति की धारोहर माना जाता है, जहां परंपराएं और धार्मिक आयोजनों को धारण किया जाता है।

धार्मिक महत्व

गंगा स्नान: पावनता का प्रतीक

हरिद्वार में गंगा स्नान करने का धार्मिक महत्व अत्यंत उच्च है। लाखों श्रद्धालु हरिद्वार आकर अपने पापों से मुक्त होने का इंतजार करते हैं।

आरती और पूजा

हरिद्वार में नित्य गंगा आरती का आयोजन होता है, जिसमें श्रद्धालु गंगा माता की पूजा और आराधना करते हैं।

इतिहास से भविष्य तक

हरिद्वार के विकास की कहानी

हरिद्वार को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ते हुए एक महत्वपूर्ण शहर बनाया गया है।

पर्यटन और उद्योग

हरिद्वार पर्यटन और उद्योग के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थान है, जिससे यहां की आर्थिक विकास में भी योगदान होता है।

निष्कर्ष

इसलिए, हरिद्वार भारतीय धर्म और संस्कृति के लिए अपार महत्व रखता है। यह गंगा नदी के पवित्र तटों पर स्थित होने से और भारतीय इतिहास के अलग-अलग समयांतरों में होने वाले ऐतिहासिक घटनाओं के कारण विशेष महत्व रखता है।

५ अद्भुत प्रश्न

  1. हरिद्वार में कौन-कौन से प्रसिद्ध मेले होते हैं?
    • हरिद्वार में प्रसिद्ध कुंभ मेला और दिवाली के उत्सव काफी लोकप्रिय हैं।
  2. हरिद्वार के चांदीघाट का क्या महत्व है?
    • चांदीघाट हरिद्वार के प्रमुख घाटों में से एक है और यहां गंगा आरती का आयोजन होता है।
  3. हरिद्वार के कुम्भ मेला का आयोजन किस अंतराल में होता है?
    • हरिद्वार में कुम्भ मेला हर तीन साल में आयोजित होता है।
  4. हरिद्वार का इतिहास किस पुरानी कहानी से जुड़ा है?
    • हरिद्वार का नाम भगवान विष्णु के श्रीवत्स चिह्न के लिए प्राप्त किया गया था।
  5. हरिद्वार में कौन से प्रमुख मंदिर हैं?
    • हरिद्वार में चंडीदेवी मंदिर और हर कुंड के प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिन्हें भक्तों द्वारा बड़े श्रद्धा से पूजा जाता है।

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