राष्ट्रीय अभ्यारण-Rashtriya abhyaran

भारत एक ऐसा देश है जो अपने सुंदर प्राकृतिक सौंदर्य और विविधता के लिए विख्यात है। यहां के जंगल भी अपनी खास पहचान रखते हैं और भारतीय वन्यजीवन का सफर राष्ट्रीय अभ्यारणों में घुमक्कड़ों के लिए खास रहता है। इन अभ्यारणों में विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षी, पेड़-पौधों और वन्यजीवन की अनगिनत खूबसूरतियों का आनंद लेने का अवसर मिलता है। इस लेख में हम राष्ट्रीय अभ्यारणों के बारे में जानेंगे और इन्हें यात्रियों के लिए एक आकर्षक स्थल के रूप में पेश करेंगे।

वन्यजीवन का अनुभव: एक आधारभूत ज्ञान

भारतीय वन्यजीवन अपनी विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विख्यात है। हर राष्ट्रीय अभ्यारण अपने विशेष वन्यजीवन के लिए प्रसिद्ध हैं और इन्हें यात्रियों के बीच एक खास जगह बना चुके हैं। यहां हम कुछ प्रमुख राष्ट्रीय अभ्यारणों के बारे में बात करेंगे जो वन्यजीवन के सौंदर्य और रमणीयता के लिए प्रसिद्ध हैं:

वन्यजीवन के खजाने: कान्हा राष्ट्रीय अभ्यारण

कान्हा राष्ट्रीय अभ्यारण मध्य प्रदेश में स्थित है और यह भारत के सबसे बड़े राष्ट्रीय अभ्यारणों में से एक है। यहां पर वन्यजीवन की अनेक प्रजातियों के साथ साथ बाघ, सिंह, छिछल, हिरन आदि भी पाए जाते हैं। कान्हा के धरोहर में से एक जंगल बुकिंग जो भारतीय वन्यजीवन की समृद्धि का प्रतीक है।

भेड़िया और सिंहों का जीवन: जिम कोर्बेट राष्ट्रीय अभ्यारण

जिम कोर्बेट राष्ट्रीय अभ्यारण उत्तराखंड राज्य में स्थित है और यह भारत का पहला राष्ट्रीय अभ्यारण है। यह राष्ट्रीय अभ्यारण भारतीय वन्यजीवन के असीम संसार को दर्शाता है और यहां पर भेड़िया, सिंह, तेंदुआ, वन्य बकरी और बहुत सी अन्य प्रजातियों को देखने का मौका मिलता है।

पक्षियों का परिचय: भारतपुर राष्ट्रीय अभ्यारण

भारतपुर राष्ट्रीय अभ्यारण राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित है। यह अभ्यारण विश्वविख्यात पक्षीयों के लिए जाना जाता है। यहां पर वसंत ऋतु में अनेक प्रकार के नगरों और बगीचों के आनंद के साथ-साथ बगीचे में सैकड़ों पक्षियों का समृद्ध प्रदर्शन देखने का मौका मिलता है।

गहरे जंगली दर्शन: नागरहोले राष्ट्रीय अभ्यारण

नागरहोले राष्ट्रीय अभ्यारण कर्नाटक राज्य में स्थित है और यह वन्यजीवन के प्रेमी और यात्रियों के बीच खासा प्रसिद्ध है। यहां पर विभिन्न प्रकार के संस्कृति, पक्षी, पशु-पक्षियों और वन्यजीवन का आनंद लेने का अवसर मिलता है।

वीरान खूबसूरती का संरक्षण: सुंदरबंस राष्ट्रीय अभ्यारण

सुंदरबंस राष्ट्रीय अभ्यारण बंगाल की खासियत है और यह भारत का सबसे बड़ा नदी डेल्टा है। यहां पर मांग्रोव वन्यजीवन का संरक्षण किया जाता है और इसमें रहने वाले बाघ, सिंह, जंगली सुअर, दरियाई गेंदा आदि देखने का मौका मिलता है।

समापन

भारतीय वन्यजीवन के राष्ट्रीय अभ्यारणों में घुमक्कड़ों के लिए एक अद्भुत अनुभव है। यहां पर वन्यजीवन की खूबसूरती और अनंतता का मजा लेने के साथ-साथ उन्हें संरक्षित रखने का काम भी हो रहा है। आप अपनी अगली यात्रा में राष्ट्रीय अभ्यारणों का अनुभव करें और भारतीय वन्यजीवन के गहरे संसार में खो जाएं।

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