रामचरितमानस किसने लिखी है- Ramcharitmanas kisne likhi hai

रामचरितमानस एक महत्वपूर्ण हिंदी साहित्यिक कृति है जिसे भगवान तुलसीदास ने लिखा था। यह काव्य भगवान राम की महिमा और कथाओं को सुंदरता के साथ प्रस्तुत करता है और आज भी यह हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक माना जाता है।

रामचरितमानस के लिखने का प्रेरणा स्रोत

भगवान तुलसीदास का जन्म सन् 1532 में हुआ था। वे संत-कवि थे जिन्होंने धार्मिक और भक्तिसंबंधित ग्रंथों की रचनाएँ की। रामचरितमानस के लेखन का प्रमुख प्रेरणा स्रोत भगवान राम की कथाओं में पाया जाता है, जो वाल्मीकि रामायण में वर्णित हैं।

रामचरितमानस के महत्वपूर्ण पहलु

साहित्यिक महत्व

रामचरितमानस हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण काव्यों में से एक है। इसका अर्थ ‘राम की चरित्रों का मानस’ होता है और यह भगवान राम की भक्ति और जीवन के सिद्धांतों को सुंदरता से प्रस्तुत करता है।

भक्ति केंद्रित

रामचरितमानस भगवान राम के प्रति भगति का माध्यम है। तुलसीदास ने रामचरितमानस में उनके लीलाओं और दिव्यता को प्रकट किया है जो उनके भक्तों को आदर्श दिखाते हैं।

सामाजिक संदेश

इस काव्य में समाज के विभिन्न मुद्दे और समस्याओं पर विचार किए गए हैं। तुलसीदास ने जाति, धर्म, जाति और लिंग के अवैध भेदभाव के खिलाफ उत्कृष्ट विचार किए हैं।

आवश्यकता और प्रभाव

रामचरितमानस के लेखन से हिंदी भाषा में भक्ति साहित्य का नया मार्ग प्रशस्त हुआ। यह लोगों को भगवान की भक्ति में लुब्ध करता है और उन्हें जीवन के धार्मिक और नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा देता है।

समापन

रामचरितमानस एक ऐतिहासिक, साहित्यिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण ग्रंथ है जिसने हिंदी भाषा में साहित्य की दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाई है। भगवान तुलसीदास की इस अमूल्य रचना ने भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है।

५ अद्भुत प्रश्न

1. क्या रामचरितमानस केवल राम की कथाओं पर ही आधारित है?

नहीं, रामचरितमानस में तुलसीदास ने भक्ति, समाज, और नैतिकता जैसे विषयों पर भी विचार किए हैं।

2. क्या रामचरितमानस केवल हिंदू धर्मियों के लिए है?

रामचरितमानस का संदेश सभी मानवता के लिए है, और इसकी महत्वपूर्णता सिर्फ़ एक धर्म से सीमित नहीं है।

3. क्या तुलसीदास ने केवल रामचरितमानस ही लिखा?

नहीं, तुलसीदास ने अन्य ग्रंथों और कृतियों की भी रचनाएँ की, जिनमें हनुमान चालीसा और विनय पत्रिका शामिल हैं।

4. क्या रामचरितमानस का अनुवाद अन्य भाषाओं में भी हुआ है?

हां, रामचरितमानस का अनुवाद अनेक भाषाओं में हो चुका है, जिनमें अंग्रेजी, उर्दू, बंगाली आदि शामिल है।

5. क्या रामचरितमानस केवल एक काव्य है, या इसमें धार्मिक महत्व भी है?

रामचरितमानस के अतिरिक्त कि यह काव्य है, इसमें धार्मिक और नैतिक संदेश भी हैं जो मानव जीवन के मार्गदर्शन के लिए हैं।

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