भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग कहां है- Bhimashankar jyotirling kahan hai

भारतीय संस्कृती और धरोहर में ज्योतिर्लिंगों का विशेष महत्व है। ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के पांच प्रमुख शक्तिपीठों में से एक हैं। भारत में 12 ज्योतिर्लिंग हैं, जिनमें से भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भी एक है। इस लेख में, हम जानेंगे कि भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग कहां स्थित है और इसके महत्वपूर्ण पौराणिक कथाएं।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के महत्व

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग हिमाचल प्रदेश, भारत में स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के अत्यंत पवित्र स्थानों में से एक माना जाता है। इस ज्योतिर्लिंग को महाभारत के एक रोमांचकारी किस्से से जोड़ा गया है।

महाभारत कथा

महाभारत में कहा जाता है कि भगवान शिव ने अपने विभूषित रूप में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग श्रीकृष्ण और अर्जुन के मध्य हुए एक विवाद के कारण स्थापित किया गया था। भगवान शिव ने अपने दिव्य रूप से प्रकट होकर उन्हें शांत कर दिया और दोनों को अपने भक्त बना लिया।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का स्थान

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग हिमाचल प्रदेश के पुण्यभूमि में स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग सुर्यकोटि नामक पहाड़ी के ऊपर, पुण्य तिर्थ नदी के किनारे बसा है। भगवान शिव के भक्त इस धार्मिक स्थल को भ्रमण करते हैं और भगवान की कृपा को पाने का आनंद लेते हैं।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के महत्वपूर्ण त्योहार

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के पास हर साल महाशिवरात्रि पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान शिव के भक्त इस त्योहार के दौरान भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का दर्शन करने के लिए धार्मिक भाव से पहाड़ी की चढ़ाई करते हैं। इस अवसर पर स्थानीय धरोहरों, संस्कृति और कला का भी प्रदर्शन किया जाता है।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के प्रमुख आकर्षण

  1. पुण्य तिर्थ नदी: भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के पास बहती हुई पुण्य तिर्थ नदी एक शांतिपूर्ण और धार्मिक स्थल है। भगवान शिव के चरणों में स्नान करने से मान्यता है।
  2. सुर्यकोटि पहाड़ी: यह पहाड़ी भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के पास स्थित है और भक्तों को धार्मिक अनुभव करने का अवसर देती है।
  3. भगवान शिव का मंदिर: भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के आस-पास कई भगवान शिव के मंदिर हैं, जो भक्तों को आकर्षित करते हैं।

धार्मिक महत्व

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग हिमाचल प्रदेश के और भारत के धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के कारण भगवान शिव के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहां के मंदिर, प्राचीन स्थली, और शांतिपूर्ण वातावरण धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाते हैं।

निष्कर्ष

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के विशेष और पवित्र स्थानों में से एक है। इसकी पौराणिक कथाएं भक्तों को आकर्षित करती हैं और धार्मिक अनुभव के लिए अद्भुत मौका प्रदान करती हैं। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को धरोहर में संभाला जाना चाहिए और इसे संसार के सभी लोगों द्वारा भ्रमण किया जाना चाहिए।

5 अद्भुत प्रश्न

1. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का इतिहास क्या है?

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का इतिहास महाभारत में वर्णित किया गया है। इसे भगवान शिव ने भीम के सामर्थ्य को देखते हुए स्थापित किया था।

2. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग कैसे पहुंचें?

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग पहुंचने के लिए आपको हिमाचल प्रदेश के मंदी जिले में स्थित होना होगा। यहां परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हैं।

3. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के निकटवर्ती रेलवे स्टेशन कौन से हैं?

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के निकटवर्ती रेलवे स्टेशन मंदी और शिमला हैं। आप इन स्टेशनों के माध्यम से ज्योतिर्लिंग तक पहुंच सकते हैं।

4. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का धार्मिक महत्व क्या है?

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का धार्मिक महत्व भगवान शिव के पवित्र स्थानों में से एक होने के कारण बड़ा है। इसे धार्मिक तीर्थयात्रा के रूप में माना जाता है।

5. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग में कौन-कौन सी पूजा की जाती है?

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग में महाशिवरात्रि और श्रावण मास के दौरान विशेष पूजा की जाती है। भगवान शिव के भक्त इन अवसरों पर धार्मिक अनुष्ठान करते हैं और भगवान की कृपा प्राप्त करते हैं।

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