भारत का अक्षांश विस्तार- Bharat ka akshansh vistar

भारत एक विविधता से भरा हुआ देश है जो अपने अक्षांशीय विस्तार के लिए प्रसिद्ध है। यह लेख भारत के अक्षांश विस्तार को गहराई से जांचता है और भारतीय भूगोल के रहस्यों को उजागर करता है।

भूमिका:

भारत, एक उत्तरी अक्षांश और दक्षिणी अक्षांश के बीच स्थित एक भूभाग है जिसका अक्षांश विस्तार काफी विशाल है। यह देश अपने भौगोलिक विविधता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन इतिहास के लिए भी प्रसिद्ध है। इस लेख में, हम भारत के अक्षांश विस्तार के रहस्यों को गहराई से जानेंगे।

सामान्य जानकारी:

भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्र लगभग 3.287 मिलियन वर्ग किलोमीटर है। इसमें से 2.973 मिलियन वर्ग किलोमीटर यानी लगभग 90% क्षेत्र यानी भारतीय भू-अर्ध को उत्तरी अक्षांश (8° 4′ N से 37° 6′ N) में स्थित है। बाकी क्षेत्र दक्षिणी अक्षांश (8° 4′ N से 37° 6′ N) में स्थित है।

भारत के अक्षांशीय प्रमुख विस्तार:

भारत का अक्षांश विस्तार विभिन्न भौगोलिक विशेषताओं से भरा हुआ है। कुछ प्रमुख अक्षांशीय विस्तार हैं:

1. हिमालयी पर्वत श्रृंग:

हिमालय भारत के उत्तरी सीमा में स्थित है और यह दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत श्रृंग है। इसके अक्षांशीय विस्तार को देखने के लिए लाखों यात्री भारत आते हैं।

2. थार मरुस्थल:

थार मरुस्थल राजस्थान राज्य में स्थित है और यह एक विशाल रेगिस्तान है जिसका अक्षांशीय विस्तार लगभग 208,110 वर्ग किलोमीटर है।

3. गंगा-यमुना समूह नदियाँ:

गंगा और यमुना नदियाँ भारतीय सभ्यता और संस्कृति के आधारशिला हैं। इन नदियों का अक्षांशीय विस्तार लगभग 2,525 वर्ग किलोमीटर है।

भारतीय भूगोल के अन्य रहस्य:

1. मौसम की उलझन:

भारत के अक्षांश विस्तार में मौसम की उलझन एक रहस्यमयी तत्व है। यहां हरियाणा जैसे क्षेत्रों में गर्मी के तापमान उच्च होते हैं, वहीं उत्तर पश्चिम राजस्थान में ठंडी हवाएँ चलती हैं।

2. समृद्धि का सौभाग्य:

भारत के अक्षांश विस्तार में कुछ क्षेत्र बहुत समृद्ध हैं, जैसे उत्तर प्रदेश और पंजाब। इन क्षेत्रों का भौगोलिक समृद्धि में बड़ा हाथ है।

भारतीय भूगोल का गहरा संबंध:

भारतीय भूगोल का अक्षांश विस्तार उसके संबंध में गहरा संबंध रखता है। इसका प्रभाव भारतीय सभ्यता, राजनीति, और आर्थिक विकास पर होता है। भारत की धरोहर और विविधता इसके अक्षांशीय विस्तार के कारण होती है।

समाप्ति:

भारत का अक्षांश विस्तार एक रहस्यमय और रोचक विषय है। यह विस्तार भारतीय भूगोल के रहस्यों को समझने में मदद करता है और भारतीय सभ्यता की अद्भुतता को प्रकट करता है। इसके अलावा, भारत के अक्षांशीय विस्तार का महत्वपूर्ण योगदान देश के समृद्धि और विकास में है।

5 अद्भुत पूछे जाने वाले प्रश्न:

1. भारत के सबसे ऊँचे अक्षांशीय स्थल कौन से हैं?

उत्तराखंड में स्थित गौरीशंकर पर्वत शिखर हैं, जो भारत के सबसे ऊँचे अक्षांशीय स्थलों में से एक हैं।

2. भारत के दक्षिणी अक्षांश विस्तार में कौन-से राज्य स्थित हैं?

तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, और तेलंगाना भारत के दक्षिणी अक्षांश विस्तार में स्थित हैं।

3. भारत का सबसे बड़ा रेगिस्तानी क्षेत्र कौन सा है?

राजस्थान में स्थित थार मरुस्थल भारत का सबसे बड़ा रेगिस्तानी क्षेत्र है।

4. भारत के अक्षांश विस्तार में सबसे ठंडा स्थान कौन सा है?

जम्मू और कश्मीर के लेह शहर भारत के अक्षांश विस्तार में सबसे ठंडे स्थानों में से एक है।

5. भारत के अक्षांश विस्तार का समृद्धि पर क्या प्रभाव पड़ता है?

भारत के अक्षांश विस्तार का समृद्धि पर बड़ा प्रभाव होता है, यह विस्तार देश को अलग-अलग भौगोलिक संसाधनों के लिए अवसर प्रदान करता है। इसमें कृषि, उद्योग, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में विकास का समर्थन होता है।

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