बीपीएम क्या होता है- Bpm kya hota hai

बीपीएम (BPM) या संगठनात्मक प्रबंधन प्रक्रिया एक व्यावसायिक तकनीक है जो संगठनों के विभिन्न कार्य प्रक्रियाओं को समय, संसाधन और लागत के मामले में प्रबंधित करने में मदद करती है। यह विभिन्न उपकरणों, तकनीकों और अभिनव प्रशासनिक तत्वों का उपयोग करके कार्य प्रक्रियाओं को सुगठित करने और संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती है।

बीपीएम की परिभाषा

बीपीएम का मतलब होता है “बिजनेस प्रक्रिया प्रबंधन”। यह संगठनात्मक प्रबंधन की एक प्रक्रिया है जिसमें संगठन अपनी कार्य प्रक्रियाओं को विश्लेषण करता है और उन्हें सुधारने का प्रयास करता है। इसके माध्यम से, संगठन अपनी प्रक्रियाओं को अद्यतित करता है और उन्हें अधिक सुगठित और प्रभावी बनाता है, जिससे कि संगठन की प्रदर्शन क्षमता में सुधार हो सके।

बीपीएम के उदाहरण

  • कस्टमर सेवा प्रक्रिया का प्रबंधन करना
  • स्टॉक प्रबंधन प्रक्रिया का प्रबंधन करना
  • संगठन के लिए नई प्रक्रिया या सिस्टम का विकास करना
  • विक्रय प्रक्रिया की प्रबंधन करना

बीपीएम के लाभ

बीपीएम का उपयोग करने के कई लाभ हैं। इनमें से कुछ मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:

  • कार्य प्रक्रियाओं की देखभाल करके क्षमता की वृद्धि
  • संगठनात्मक प्रदर्शन में सुधार
  • अलग-अलग विभागों के बीच सहयोग बढ़ाना
  • कार्य प्रक्रियाओं में अद्यतन की गति को तेज़ करना
  • लागतों में कटौती करना

बीपीएम के चरण

बीपीएम कार्य प्रक्रिया के चार मुख्य चरण होते हैं:

  1. विश्लेषण और निर्धारण
  2. अद्यतन और सुधार
  3. प्रगति मापन
  4. संचालन और नियंत्रण

बीपीएम के लिए उपयुक्त उपकरण

बीपीएम के लिए कई उपयुक्त उपकरण हैं, जैसे कि:

  • व्यवसाय नियोजन सॉफ़्टवेयर
  • विश्लेषण और रिपोर्टिंग उपकरण
  • डॉक्यूमेंटेशन उपकरण
  • कार्य प्रक्रिया अटकने को पहचानने वाले उपकरण
  • कार्य प्रक्रिया उन्नति उपकरण

बीपीएम की भूमिका और महत्व

बीपीएम संगठनों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संगठन की कार्य प्रक्रियाओं को सुगठित करने में मदद करता है और सुनिश्चित करता है कि संगठन के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए उचित समय, संसाधन और लागत का प्रयोग होता है। इसका प्रयोग करके, संगठन अपनी प्रक्रियाओं को सुधारता है, कार्य प्रक्रियाओं में अद्यतन करता है और सही रूप से निर्धारित की गई गुणवत्ता मानकों को पूरा करता है।

बीपीएम की प्रभावी प्रशासनिक तकनीकें

बीपीएम में कुछ प्रभावी प्रशासनिक तकनीकें हैं जो संगठन को बेहतर कार्य प्रक्रियाएँ प्रदान करती हैं। ये तकनीकें निम्नानुसार हैं:

  • दृश्यीकरण: इससे कार्य प्रक्रियाओं को विश्लेषित और समझने में सुविधा होती है।
  • स्व-सेवा: इससे कार्य प्रक्रियाओं को आवंटित किए गए स्व-सेवा टूल के माध्यम से स्वयं अपडेट किया जा सकता है।
  • रोबोटिक प्रक्रिया और ओटोमेशन: इससे कार्य प्रक्रियाओं को स्वतंत्र रूप से अपडेट करने के लिए रोबोटिक प्रक्रियाएं और ओटोमेशन का उपयोग किया जा सकता है।

बीपीएम के सामाजिक परिणाम

बीपीएम का उपयोग करने से कई सामाजिक परिणाम होते हैं, जैसे कि:

  • कार्य संगठन की सुविधाओं में सुधार होता है
  • कर्मचारियों की प्रदर्शन क्षमता में वृद्धि होती है
  • अद्यतित और सुगठित कार्य प्रक्रियाएँ अधिक उचित ग्राहक सेवा प्रदान करती हैं

बीपीएम के निराकरण की चुनौतियाँ

बीपीएम के निराकरण में कुछ चुनौतियाँ हो सकती हैं, जैसे कि:

  • अपर्याप्त संगठनात्मक समर्थन और रुचि
  • प्रक्रियाओं को बदलने के लिए प्रबंधन की अप्रत्याशित प्रतिरोध
  • कार्य प्रक्रियाओं की विश्लेषण करने के लिए उपयुक्त डेटा की कमी

बीपीएम में अग्रणी कंपनियाँ

बीपीएम को अपनाने वाली कुछ प्रमुख कंपनियाँ इस प्रकार हैं:

  • IBM
  • एप्पल
  • माइक्रोसॉफ्ट
  • ओरेकल
  • एसपीआर-आइनफोसिस

बीपीएम की व्यापकता

बीपीएम व्यापकता के साथ कई उद्योगों में उपयोग होता है, जैसे कि:

  • वित्तीय सेवाएँ
  • स्वास्थ्य सेवाएँ
  • निर्माण उद्योग
  • रिटेल
  • बैंकिंग

बीपीएम का विकास

बीपीएम का विकास अधिकांश तकनीकी और प्रबंधन सूचना प्रणालियों के प्रगति के साथ जुड़ा हुआ है। नई तकनीकों के आगमन, अनुकूलन, और उपयोग से, बीपीएम की क्षमताएं सुधारती गई हैं और उच्चतम स्तर पर तकनीकी प्रगति के साथ सुसंगत बनाई गई हैं।

बीपीएम के नियम और विनियम

बीपीएम में बाधाएं और नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण होता है। इनमें शामिल हो सकते हैं:

  • नियमित अद्यतन और सुधार करना
  • प्रशासनिक अनुमतियों का पालन करना
  • सुरक्षा और गोपनीयता के नियमों का पालन करना

निष्कर्ष

बीपीएम संगठनात्मक प्रबंधन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो संगठनों को सुगठित करने में मदद करता है और सुनिश्चित करता है कि संगठन अपने लक्ष्यों को प्राप्त करता है। इसका उपयोग करके, संगठन अपनी प्रक्रियाओं को अद्यतित करता है और उन्हें सुगठित और प्रभावी बनाता है। बीपीएम की उपयोगिता विभिन्न उद्योगों में देखी जा सकती है और यह सामाजिक परिणाम भी प्रदान करता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. बीपीएम क्या होता है?
    • उत्तर: बीपीएम का मतलब होता है “बिजनेस प्रक्रिया प्रबंधन”। यह संगठनात्मक प्रबंधन की एक प्रक्रिया है जिसमें संगठन अपनी कार्य प्रक्रियाओं को विश्लेषण करता है और उन्हें सुधारने का प्रयास करता है।
  2. बीपीएम का उपयोग किसलिए किया जाता है?
    • उत्तर: बीपीएम का उपयोग करने से संगठन अपनी कार्य प्रक्रियाओं को सुगठित करने में मदद मिलती है और सुनिश्चित करती है कि संगठन अपने लक्ष्यों को प्राप्त करता है।
  3. बीपीएम का उपयोग किस उद्योगों में होता है?
    • उत्तर: बीपीएम का उपयोग वित्तीय सेवाएँ, स्वास्थ्य सेवाएँ, निर्माण उद्योग, रिटेल, बैंकिंग जैसे कई उद्योगों में होता है।
  4. बीपीएम के कौन-कौन से चरण होते हैं?
    • उत्तर: बीपीएम के चार मुख्य चरण होते हैं: विश्लेषण और निर्धारण, अद्यतन और सुधार, प्रगति मापन, संचालन और नियंत्रण।
  5. बीपीएम के क्या लाभ हैं?
    • उत्तर: बीपीएम के उपयोग से संगठन की कार्य प्रक्रियाओं की देखभाल होती है, संगठनात्मक प्रदर्शन में सुधार होता है, अलग-अलग विभागों के सहयोग को बढ़ाता है, और कार्य प्रक्रियाओं में लागतों में कटौती करता है।

इस लेख का संग्रह यही है कि बीपीएम (संगठनात्मक प्रबंधन प्रक्रिया) एक महत्वपूर्ण तकनीक है जो संगठनों को कार्य प्रक्रियाओं को संगठित करने और सुधारने में मदद करती है। यह तकनीक संगठनों को उचित समय, संसाधन और लागत का प्रयोग करके संगठन के उद्देश्यों की प्राप्ति में मदद करती है। इस तकनीक का सही उपयोग करके संगठन अपनी प्रक्रियाओं को अद्यतित करता है और सुगठित और प्रभावी बनाता है।

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