प्रगतिवाद की विशेषता- Pragativad ki visheshta

विकास और प्रगति भारतीय समाज के उत्थान की कुंजी हैं। आधुनिक भारत में, ‘प्रगतिवाद’ नामक विचारधारा ने एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण दिया है। इस लेख में हम ‘प्रगतिवाद की विशेषता’ पर बात करेंगे और देखेंगे कि यह कैसे भारतीय समाज के उन्नति मार्ग को प्रेरित करता है।

प्रमुख विशेषताएँ

सामाजिक न्याय की प्राथमिकता

प्रगतिवाद में सामाजिक न्याय की प्राथमिकता होती है। इसका मतलब है कि विकास के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को उसके फायदे का एक सामान और न्यायपूर्ण हिस्सा मिलना चाहिए।

शिक्षा के महत्व की प्रतिष्ठा

प्रगतिवादी समाज में शिक्षा को महत्वपूर्ण दृष्टिकोण मिलता है। शिक्षित जनसंख्या समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और उसे आगे बढ़ने की सामर्थ्य प्रदान करती है।

विज्ञान और तकनीक का प्रयोग

प्रगतिवाद समाज में विज्ञान और तकनीक का व्यापक प्रयोग होता है। नए और उन्नत तकनीकी समाधान समाज की समस्याओं का समाधान करने में मदद करते हैं और उसके विकास की गति को तेजी से बढ़ाते हैं।

आर्थिक प्रगति की दिशा में

उद्यमिता की प्रोत्साहन

प्रगतिवादी दृष्टिकोण से आर्थिक उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाता है। समाज में नए व्यापारी और उद्यमिता को बढ़ावा मिलता है, जिससे नौकरी की बजाय रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।

वित्तीय स्वावलंबन

प्रगतिवाद में व्यक्तिगत वित्तीय स्वावलंबन की प्रमुखता होती है। लोग नए वित्तीय योजनाओं का सही तरीके से उपयोग करके स्वयं को स्वावलंबी बनाते हैं।

सामाजिक सुधार और विकास

महिलाओं की सशक्तिकरण

प्रगतिवादी दृष्टिकोण से महिलाओं की सशक्तिकरण की प्राथमिकता बढ़ती है। महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा सकती हैं और उन्हें उनके अधिकारों की पूरी स्वतंत्रता मिलती है।

सामाजिक बुराइयों की उन्मूलन

प्रगतिवादी समाज में सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई को महत्वपूर्णता दी जाती है। जातिवाद, लिंग भेदभाव, और अन्य सामाजिक समस्याओं का समाधान होते हुए समाज को एक मजबूत और सद्भावना समृद्धि से भरपूर बनाने की कवायद होती है।

निष्कलंक समाज की दिशा

समानता और इंसानियत

प्रगतिवादी समाज में सभी व्यक्तियों को समानता और इंसानियत का सम्मान मिलता है। किसी के जाति, धर्म, लिंग या आर्थिक स्थिति से उनके अधिकारों का खंडन नहीं किया जाता।

सुरक्षित समाज का निर्माण

प्रगतिवाद की दिशा में सुरक्षित समाज का निर्माण किया जाता है। यह समाज को आपसी सहयोग और सद्भावना की दिशा में बढ़ावा देता है जिससे उसकी सुरक्षा और सुख-शांति बनी रह सके।

निष्कर्ष

इस लेख में हमने देखा कि प्रगतिवाद की विशेषताएँ कैसे भारतीय समाज को एक मजबूत, सामर्थ्यपूर्ण और समृद्ध समाज की दिशा में अग्रसर करती हैं। यह विचारधारा सामाजिक न्याय, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता, सामाजिक सुधार, समानता, और सुरक्षा के प्रति विश्वास को प्रमोट करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. प्रगतिवाद क्या है?

प्रगतिवाद एक विचारधारा है जो विकास, शिक्षा, तकनीक, और सामाजिक सुधारों के माध्यम से समाज के उत्थान को प्रोत्साहित करती है।

2. कैसे प्रगतिवादी समाज निर्मित होता है?

प्रगतिवादी समाज निर्माण के लिए सामाजिक न्याय, शिक्षा, उद्यमिता, और सामाजिक सुधारों के साथ-साथ सभी वर्गों के समान भागीदारी की आवश्यकता होती है।

3. प्रगतिवाद के क्या फायदे हैं?

प्रगतिवाद से समाज में सामाजिक समानता, शिक्षा का महत्व, और आर्थिक विकास में सुधार होती है, जो समृद्धि और सामाजिक सुख-शांति को प्रमोट करता है।

4. क्या प्रगतिवाद सिर्फ आर्थिक उन्नति ही है?

नहीं, प्रगतिवाद सिर्फ आर्थिक उन्नति के साथ नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, और मानविकी सुधारों के माध्यम से समाज के सभी क्षेत्रों में विकास को प्रमोट करता है।

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