नवरत्न के नाम-Navratna ke naam

नवरत्न एक वैज्ञानिक विषय नहीं, बल्कि एक रहस्यमय जगत है। हिंदू धर्म में नवरत्नों को शक्ति, समृद्धि, सौभाग्य और स्वास्थ्य के प्रतीक माना जाता है। नागाओं और राजकुमारियों की कहानियों में नवरत्नों का उपयोग करना एक प्राचीन भारतीय परंपरा है। इस लेख में, हम नवरत्नों के महत्वपूर्ण नामों की खोज करेंगे और उनके लाभों पर चर्चा करेंगे।

नवरत्नों के नाम

हीरा (वज्र)

हीरा, जिसे वज्र भी कहा जाता है, प्राकृतिक रूप से एक अद्भुत रत्न है। यह धातु में सबसे कठोर रत्न माना जाता है और इसे अजेंडा भी कहते हैं। वज्र को शक्ति, साहस, और अदम्य शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

मोती (मुक्ता)

मोती या मुक्ता एक आकर्षक रत्न है, जो सीप के अंदर बनता है। यह प्राकृतिक रूप से ब्यूटीफुल और प्रेम का प्रतीक है। मोती को चंद्रमा का रत्न भी कहा जाता है और इसे स्त्रियों की सुंदरता के प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है।

नवरत्नों के लाभ

नवरत्नों को धार्मिक, आयुर्वेदिक, और ज्योतिषीय दृष्टिकोन से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां हम नवरत्नों के कुछ महत्वपूर्ण लाभों को देखेंगे:

समृद्धि और सम्पत्ति

नवरत्नों का संयोग करके समृद्धि और सम्पत्ति की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से पीले सफायर और पुखराज को धारण करने से धन की प्रवृद्धि होती है।

स्वास्थ्य और रोगनिवारण

नीलम और मोती को धारण करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है और रोगों का निवारण होता है। यह शरीर के रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।

नवरत्नों के महत्व

नवरत्नों के उपयोग का प्रचलन कई साल पहले से है। हमारे देश में नवरत्नों को खास शक्ति और संकेत के रूप में पूजनीय माना जाता है। इनके धारण से धन, स्वास्थ्य, और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

नवरत्न रत्नों का उपयोग

नवरत्न रत्नों का उपयोग विभिन्न तरीकों से किया जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों में, नवरत्न रत्नों का प्रयोग करने से शुभता और समृद्धि की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र में भी इन रत्नों को महत्वपूर्ण माना जाता है और विभिन्न ग्रहों के प्रभाव को शांत करने के लिए इन्हें धारण किया जाता है।

समापन

नवरत्नों के नाम और उनके लाभ ने लोगों के मन में आकर रह गए हैं। यह रत्न धन, स्वास्थ्य, और समृद्धि के प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध हैं। इसलिए, हमारे पूर्वजों ने इन्हें धारण करने की परंपरा को आगे बढ़ाया है।

प्रश्न-उत्तर

1. क्या नवरत्न रत्नों का वैज्ञानिक आधार है?

नहीं, नवरत्न रत्नों का वैज्ञानिक आधार नहीं है, लेकिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोन से इन्हें महत्वपूर्ण माना जाता है।

2. क्या हीरे को वज्र के नाम से भी जाना जाता है?

हां, हीरा को वज्र के नाम से भी जाना जाता है। इसे अजेंडा भी कहा जाता है और इसको शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है।

3. क्या मोती को चंद्रमा का रत्न कहा जाता है?

हां, मोती को चंद्रमा का रत्न कहा जाता है। इसे स्त्रियों की सुंदरता के प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है।

4. क्या नवरत्नों का धारण करने से समृद्धि होती है?

हां, नवरत्नों का धारण करने से समृद्धि की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से पीले सफायर और पुखराज को धारण करने से धन की प्रवृद्धि होती है।

5. क्या नवरत्नों का उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है?

हां, नवरत्नों का उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों में भी किया जाता है। इन्हें पूजनीय और शुभ माना जाता है।

Leave a Comment