झारखंड राज्य की स्थापना कब हुई- Jharkhand rajya ki sthapna kab hui

झारखंड भारत के उत्तरी भाग में स्थित एक राज्य है, जिसका नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महत्वपूर्ण भू-भाग, छोटानागपुर नामक क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। यह राज्य 15 नवंबर 2000 को भारतीय राजनीति का एक नया अध्याय था। झारखंड की स्थापना की इस प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण घटनाएं शामिल थीं। इस लेख में हम झारखंड राज्य की स्थापना की इतिहासिक पृष्ठभूमि, प्रमुख कारण, स्थापना की तारीख और उससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को जानेंगे।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

झारखंड का सबसे प्राचीन इतिहास समझने के लिए हमें उस समय की खोज करनी होगी, जब यह क्षेत्र छोटानागपुर नामक भू-भाग के रूप में जाना जाता था। छोटानागपुर नामक इस क्षेत्र का इतिहास संभवतः 4 वीं शताब्दी ईसा पूर्व से भारतीय इतिहास में प्रारंभ होता है। विभिन्न राजाओं और जनजातियों ने इस क्षेत्र पर शासन किया और इसे अपनी संस्कृति और विकास का केंद्र बनाया। झारखंड के इतिहास में बिहार के साथ कई विवाद रहे हैं जो इसकी स्थापना की प्रक्रिया को भी प्रभावित करते हैं।

प्रमुख कारण

  1. आधारभूत अधिकारिता: झारखंड के विकास में एक मुख्य कारण छोटानागपुर नामक क्षेत्र के आधारभूत अधिकारिता को लेकर विवाद रहा। लोगों को वहां के संस्कृति और भू-भाग से जुड़े होने का भरोसा था और उन्हें खुद को अलग राज्य के रूप में स्थापित करने का विचार था।
  2. शोध और विकास की अवधारणा: छोटानागपुर के इस क्षेत्र में खनिज संसाधनों के साथ-साथ भू-भाग का समृद्ध विकास सम्भव था। लोगों को विकास की अवधारणा थी और वे इसे अधिक सकारात्मक ढंग से देखना चाहते थे।

स्थापना की तारीख

झारखंड राज्य की स्थापना 15 नवंबर 2000 को हुई थी। इस दिन झारखंड को भारतीय राज्य बनाया गया और इसका नामकरण छोटानागपुर नामक क्षेत्र के प्राचीन नाम पर किया गया। इस दिन के बाद से झारखंड एक स्वतंत्र राज्य के रूप में अपने विकास के पथ पर अग्रसर हुआ।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • झारखंड भारत का 28वां राज्य है।
  • इस राज्य की राजधानी रांची है।
  • झारखंड के पास खनिज संसाधन जैसे कि मिक्साइट, बॉक्साइट, और कोलहान हैं, जिन्हें विभिन्न उद्योगों में उपयोग किया जाता है।
  • झारखंड के जलवायु और जल संसाधनें उत्तरी भारतीय राज्यों से भिन्न हैं, और यहां की प्राकृतिक सुंदरता दर्शनीय है।

समापन

झारखंड राज्य की स्थापना ने भारतीय इतिहास में एक नया अध्याय खोला। इसके नामकरण से इस क्षेत्र को छोटानागपुर के प्राचीन समृद्ध विरासत के साथ जोड़ा गया। झारखंड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य विकास और समृद्धि के मार्ग पर चलना था, और यह राज्य आज एक महत्वपूर्ण खनिज संसाधन के साथ विकसित हो रहा है।

ज्यादा जानकारी के लिए, नीचे दिए गए सवालों को देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. झारखंड राज्य का पहला मुख्यमंत्री कौन थे?
    • झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबुलाल मरांवी थे।
  2. झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थल कौन-कौन से हैं?
    • झारखंड में शिक्षापीठ, सुरेंद्रनाथ भवन, सिद्धो पूर्णेश्वर बाबा मंदिर, और बैद्यनाथ धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं।
  3. झारखंड की आधिकारिक भाषा क्या है?
    • झारखंड की आधिकारिक भाषा हिंदी और उर्दू है।
  4. झारखंड के ध्वज में कौन-कौन से रंग होते हैं?
    • झारखंड के ध्वज में अशोक चक्र और सफेद, हरा, और नीले रंग होते हैं।
  5. झारखंड के विकास में बोर्ड के कितने क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम हैं?
    • झारखंड में 5 क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम हैं जिनमें उत्क्रमित क्षेत्र विकास कार्यक्रम, धन विकास कार्यक्रम, शिक्षा विकास कार्यक्रम, स्वास्थ्य विकास कार्यक्रम, और जल विकास कार्यक्रम शामिल हैं।

अंत में

झारखंड राज्य की स्थापना एक महत्वपूर्ण इतिहासिक घटना है, जो छोटानागपुर के प्राचीन संस्कृति और विकास को भारतीय राजनीति में शामिल करती है। यह राज्य अपने भू-भाग, धरोहर, और विविधता के लिए प्रसिद्ध है। झारखंड की स्थापना के बाद से इसका विकास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे यह भारत के विकास के अवसरों के साथ उभरता हुआ राज्य बना है।

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