चार युगों के नाम- Char yugo ke naam

चार युगों के नाम प्राचीन भारतीय धर्म और मिथकवाद की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। इस लेख में, हम इन चार युगों के नाम, उनकी विशेषताओं और युगों के प्रमुख धर्मिक तथा सांस्कृतिक घटनाओं पर चर्चा करेंगे।

चार युगों के नाम

कलियुग

विशेषताएँ

कलियुग, प्राचीन भारतीय धर्म और मिथकवाद में आखिरी युग के रूप में जाना जाता है। यह युग कलिकाल के नाम से भी जाना जाता है। कलियुग में धर्मिकता, योग्यता, ब्रह्मचर्य, और सामरिक गुणों की कमी होती है। भगवान श्रीकृष्ण की मृत्यु के बाद कलियुग शुरू हुआ।

धर्मिक तथा सांस्कृतिक घटनाएँ

  • श्रीकृष्ण जी का विराट रूप दर्शन
  • महाभारत युद्ध
  • महाभारत का गीतोपदेश
  • काशीराज का जन्म और मरण
  • पांडवों का स्वर्गवास

द्वापरयुग

विशेषताएँ

द्वापरयुग तृतीय युग है और कलियुग से पहले आता है। इस युग में धर्म और अधर्म के बीच युद्ध होता है। मनुष्य इस युग में शास्त्रों की धारणा करने की क्षमता रखता है। इस युग के दौरान, भगवान राम और भगवान कृष्ण आये।

धर्मिक तथा सांस्कृतिक घटनाएँ

  • भगवान राम का अयोध्या प्रवास
  • सीता हरण
  • रामायण का प्रसंग
  • भगवान कृष्ण का जन्म
  • महाभारत का युद्ध

त्रेतायुग

विशेषताएँ

त्रेतायुग द्वापरयुग के बाद आता है और द्वापरयुग से तीसरा युग होता है। इस युग में लोग उच्च आयु जीने की क्षमता रखते हैं और धर्म का पालन करते हैं। राजा राम इस युग में आये थे।

धर्मिक तथा सांस्कृतिक घटनाएँ

  • राम और लक्ष्मण का वनवास
  • सीता हरण
  • हनुमान जी का लंका प्रवेश
  • राम और रावण का युद्ध
  • रावण वध

कृतयुग

विशेषताएँ

कृतयुग प्राचीन भारतीय धर्म और मिथकवाद में पहला युग है। इस युग में धर्म, सत्य, और न्याय की प्राथमिकता होती है। इस युग के दौरान, सद्गुरु वेदव्यास महर्षि आये थे।

धर्मिक तथा सांस्कृतिक घटनाएँ

  • वेदव्यास महर्षि का जन्म
  • महाभारत के पुरोहित
  • वेदों का अनुवाद
  • तपस्या और पूजा की महत्वता

निष्कर्ष

चार युगों के नाम प्राचीन भारतीय धर्म और मिथकवाद की महत्वपूर्ण अवधारणा हैं। ये युगों ने धर्मिक और सांस्कृतिक इतिहास को आकार दिया है और मानव सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

पूछे जाने वाले प्रश्न

1. चार युगों के नाम क्या हैं?

चार युगों के नाम हैं कलियुग, द्वापरयुग, त्रेतायुग, और कृतयुग।

2. कौन सा युग वर्तमान में चल रहा है?

वर्तमान में कलियुग चल रहा है।

3. कौन-कौन से धार्मिक घटनाएँ कलियुग में हुईं?

कलियुग में श्रीकृष्ण जी का विराट रूप दर्शन, महाभारत युद्ध, महाभारत का गीतोपदेश, काशीराज का जन्म और मरण, पांडवों का स्वर्गवास आदि धार्मिक घटनाएँ हुईं।

4. ये युगों का विभाजन किसने किया था?

ये युगों का विभाजन वेदव्यास महर्षि ने किया था।

5. कृतयुग कितने समय तक चला?

कृतयुग की अवधि 1,728,000 वर्षों की थी।

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