केमिस्ट्री पीरियाडिक टेबल इन हिंदी- Chemistry periodic table in hindi

रसायन विज्ञान विज्ञान का एक विशेष शाखा है जिसमें हम तत्वों और उनके गठन के अध्ययन करते हैं। इस विज्ञान के तहत हमारे पास एक विशालकाय सारणियां होती है, जिन्हें “आवर्त सारणी” या “पेरियॉडिक सारणी” कहा जाता है। यह आर्टिकल आपको रसायन विज्ञान की महत्वपूर्ण इस विषय पर जानकारी प्रदान करेगा।

आवर्त सारणी का इतिहास

हमारे प्राचीन वैज्ञानिक ऋषियों ने अपने समय में कई तत्वों की खोज की थी। लेकिन तत्वों की सारणी बनाने का प्रयास ग्रीक शिक्षाविद देमोक्रिटस ने किया था, जिन्होंने कई तत्वों को पृथक् करके उनके गुणों को अध्ययन किया था। उनके बाद से, भूवैज्ञानिक मॉस्ली ने तत्वों की आवर्त सारणी के लिए प्रस्तावना की।

पेरियॉडिक सारणी का संरचना

आवर्त सारणी एक विशेष ढंग से संरचित होती है जिसमें तत्वों को उनके परमाणु नंबर और विभिन्न गुणों के आधार पर व्यवस्थित किया जाता है। पेरियॉडिक सारणी में तत्वों को “परमाणु विकार” के आधार पर समूहों (Groups) और “कार्यक्रम” (Periods) में विभाजित किया जाता है।

परमाणु विकार (Atomic Structure)

प्रत्येक तत्व का एक निश्चित परमाणु नंबर होता है, जिसे हम उसके परमाणु के विकार के रूप में जानते हैं। परमाणु के विकार में हमें तीन मुख्य अंश देखने को मिलते हैं: प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, और इलेक्ट्रॉन।

समूह (Groups)

आवर्त सारणी में तत्वों को उनके विद्यमान गुणों के आधार पर 18 समूहों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक समूह में तत्वों के रूप में ज्ञात गुण होते हैं जो उन्हें अन्य समूहों से अलग करते हैं।

कार्यक्रम (Periods)

आवर्त सारणी के अंतर्गत 7 कार्यक्रम होते हैं, जो तत्वों की परमाणु विकार के आधार पर विभाजित किए जाते हैं। प्रत्येक कार्यक्रम में, तत्वों की परमाणु विकार में एक परमाणु का विकार बढ़ता है।

रसायन विज्ञान में आवर्त सारणी का महत्व

आवर्त सारणी रसायन विज्ञान में एक महत्वपूर्ण और उपयुक्त उपकरण है जो वैज्ञानिकों को तत्वों के गुणों और उनके बीच के संबंधों को समझने में मदद करता है। इससे हम तत्वों की विशेषताएं, उनके गुण, उपयोग, और उनसे संबंधित रासायनिक प्रक्रियाएं समझ सकते हैं।

परमाणु विकारों की विशेषता

आवर्त सारणी के माध्यम से हम विभिन्न परमाणु विकारों की विशेषताओं को अध्ययन कर सकते हैं। वे किसी भी तत्व की विशेषताएं होते हैं जो उसे अन्य तत्वों से अलग बनाते हैं।

आवर्त सारणी के उपयोग

आवर्त सारणी रसायन विज्ञान के लिए अनेक प्रकार से उपयोगी है। यह वैज्ञानिकों को तत्वों की विशेषताओं, उनके गुणों, और उनसे संबंधित रासायनिक प्रक्रियाओं को समझने और अध्ययन करने में सहायक होती है।

आवर्त सारणी का भविष्य

रसायन विज्ञान और प्रौद्योगिकी में विभिन्न नवाचारों के साथ, आवर्त सारणी भविष्य में भी और अधिक महत्वपूर्ण होने की संभावना है। वैज्ञानिक इसे और अधिक संपूर्ण और व्यापक बनाने के प्रयास कर रहे हैं।

निष्कर्ष

आवर्त सारणी रसायन विज्ञान में एक महत्वपूर्ण और सुगम उपकरण है जो वैज्ञानिकों को तत्वों के गुणों और उनसे संबंधित प्रक्रियाओं को समझने में मदद करता है। इसका अध्ययन हमें प्राचीन समय से ही तत्वों के गठन और उनके गुणों के अध्ययन में मदद कर रहा है।

पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न

  1. तत्वों की संख्या कितनी है?
    • वर्तमान में अधिकतर वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रकृति में 118 तत्व हैं।
  2. पेरियॉडिक सारणी का आविष्कार किसने किया था?
    • आवर्त सारणी का आविष्कार डिमित्री मेंडेलीव ने 1869 में किया था।
  3. परमाणु विकार क्या होते हैं?
    • परमाणु विकार तत्वों के गठन में पाए जाने वाले प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, और इलेक्ट्रॉन की संख्या को दर्शाते हैं।
  4. आवर्त सारणी के कितने समूह होते हैं?
    • आवर्त सारणी में कुल मिलाकर 18 समूह होते हैं।
  5. आवर्त सारणी के कार्यक्रम कितने होते हैं?
    • आवर्त सारणी में कुल मिलाकर 7 कार्यक्रम होते हैं।

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